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भगवान से मांगो या ना मांगो !



एक सवाल हम सब के मन में हमेशा आता है की क्या हमें अपनी जरूरतों के लिए भगवान से मांगना चाहिए या नहीं मांगना चाहिए??इस विषय में विद्वानों के अलग-अलग मत हैं|

कुछ विद्वानों का मत है कि भगवान हमें जो भी देता है,हमें हमारी क्षमता और हैसियत के हिसाब से ही देता है तो फिर उससे क्या मांगना?वो तो अंतर्यामी है,वो सब जानता है|उससे कुछ भी छुपा नहीं है,हमारी अच्छाई और बुराई का रिकॉर्ड उसके पास है,उसे पता है कि किसको क्या देना है और क्या नहीं देना?हमें निरंतर पूरी लगन से एकाग्रचित होकर मेहनत करते रहना चाहिए फिर एक दिन जब उसे लगेगा कि हमें देने का वक़्त आ गया है तो वो हमें हमारी मेहनत का फल जरुर देगा और जिसे हम लोग भाग्य के नाम से भी जानते हैं|

पर कुछ विद्वानों का मत है कि हम उस जन्म देने वाले,सारे संसार का पालन पोषण करने वाले उस भगवान से न मांगे जिसने हमे इस कर्मलोक में भेजा है तो फिर किससे मांगे?वो दाता है,सबके कष्टों को हरने वाले भगवान से मांगने में कैसा हिचकिचाना!वो किसी की भी झोली भर सकता है|रंक को राजा और  राजा को रंक बना सकता है,तो उससे उसका आशीर्वाद तो मांगना ही चाहिए|अपने बुरे कर्मों के लिए क्षमा मांगनी चाहिए और अच्छे कर्मों के लिए आशीर्वाद मांगना चाहिए|


मैं मानता हूँ कि इस विषय में विद्वानों के विभिन्न मत हो सकते हैं कि भगवान से कुछ भी मांगना व्यर्थ है क्योंकि उसे सब ज्ञात है तो किसी का मत होगा की हम उसकी संतान हैं वो दाता है उससे मांगने में कैसा हर्ज है|

दोस्तों,निष्कर्ष तो यही है कि आप चाहे भगवान से मांगो या ना मांगो पर हमें हमारे कर्मो के हिसाब से फल जरुर मिलेगा|यदि आप अच्छा कर्म करोगे तो अच्छा फल मिलेगा और बुरा करोगे तो बुरा फल भी जरुर मिलेगा|पर हमें हमेशा भगवान को याद करते रहना चाहिए क्योंकि इससे हमारे अन्दर सकारात्मक उर्जा आती है और हमे विपरीत परिस्थतियों में हिम्मत मिलती है और हम हमेशा सही रास्ते में ही चलते हैं और बुराइयों से बचे रहते हैं|पर सब कुछ भगवान भरोसे छोड़ने से काम नहीं चलेगा,हमें निरंतर धैर्य रखकर पूरी लगन से मेहनत करते रहना चाहिए|हमें भगवान से बिना शिकायत के धैर्य रखकर अपने अच्छे भविष्य के लिए प्राथर्ना करनी चाहिए|एक दिन अवश्य हमें सफलता जरुर मिलेगी|
                                                                       धन्यवाद|