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युवा भारत

सभी पाठकों को मेरा सादर नमस्कार, BadaltiSoch द्वारा आज आपके सामने एक बड़ा ही महत्वपूर्ण विषय रखा जा रहा है,उम्मीद करता हूँ की आप सभी को यह विषय विचारणीय लगेगा|

युवा होता भारत,बूढा होता विश्व:- एक अवसर एक चुनौती

यदि भारतवर्ष को छोड़ दिया जाये तो पूरा विश्व इस समय बूढा हो रहा है|भारत को छोड़ कर लगभग सभी देशों में 45 से 50 के मध्य या उससे ज्यादा की आयु की जनसँख्या अधिक है और यह बात पूरे विश्व में एक चिंता का विषय बनी हुई है|

60 से अधिक आयु वर्ग के लोगों की बढती जनसँख्या तथा आयु वर्गों के मध्य का यह अनुपात विकसित और विकासशील दोनों देशों में एक बड़ी चुनोती बन गया है|विकसित और विकासशील देशों के लिए यह एक महत्वपूर्ण समस्या के रूप में आने वाले कुछ सालों में मुँह फैलाये खड़ा है|सभी देशों की सरकारों के लिए वृद्ध कल्याणकारी योजना,पेंशन योजना तथा स्वास्थ्य देखभाल योजनाओं जैंसी महत्वपूर्ण चुनोतियाँ सामने आने की चेतावनी है|


एक अनुमान के अनुसार 2020 से 2050 के बीच,60 वर्ष से अधिक आयु की आबादी का अनुपात 12% से 24% तक दोगुनी हो जाएगी|जापान,ब्रिटेन,अमेरिका जैसे कई विकसित देश इस बात से चिंताग्रस्त हैं क्योंकि 60 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों की पूर्ण संख्या में इसी अवधि के मध्य 60.5 करोड़ से 2 अरब की वृद्धि की भारी सम्भावना है|इन सब के पीछे का कारण जानने की कोशिश करेंगे तो हम पाएंगे की हमारा बिमारियों से लड़ने में आत्मनिर्भर होना,महिलाओं को अपने प्रजनन क्षमता पर नियंत्रण प्राप्त करने में सक्षमता तथा एकल परिवार का बड़ता प्रचलन जैसी बातें इन सब के पीछे प्रमुख कारण हैं|जापान जैसा विकसित देश इस समय बढती आयु वर्ग की आबादी से प्रभावित देश है तथा अन्य विकसित देश भी अब इस प्रति सचेत हो गये हैं|

लेकिन भारतवर्ष इस समय युवावस्था के जोश में सरोबार है|देखा जाये तो वर्तमान में यहाँ युवाओं की आबादी अन्य देशों की अपेक्षा ज्यादा है|युवाशक्ति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है|वर्तमान प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी भी इस बात को जान चुके थे,वे जानते थे की वर्तमान में युवाशक्ति भारतीय समाज की मजबूत कड़ी है|अतः उनके भाषण में और नीतियों में युवाओं को ध्यान में रखते हुए बातें होती थी और इस बात का उन्हें जो फायदा मिला वह आज सबके सामने है|
फिर भी क्या भारतवर्ष इस युवाशक्ति के भार को उठाने में सक्षम हो गया है?क्या भारत में युवाओं को रोजगार के अवसर पूरी तरह उपलब्ध हैं?गौरतलब है की बढती बेरोजगारी एक मुख्य समस्या के रूप में उभर रही है|युवाशक्ति समृद्ध होने का लाभ क्या भारत को मिल पायेगा?

भारत के पास इस समय विश्व महाशक्ति बनने का सुअवसर है बस जरुरत है इस युवाशक्ति को सही दिशा में ले जाने की|

वर्तमान सरकार जिस वादे और दावे के साथ सत्ता में विराजमान है उसे यह नहीं भूलना चाहिए की आज का युवा बढती बेरोजगारी के तनाव से ग्रस्त है जिस वजह से नशे की आदतें,अपराधिक प्रवृति की तरफ उसका ध्यान,और अन्य अवसादिक बीमारियाँ भी उसे घेर रही हैं|

भारतीय युवाशक्ति को सही मार्गदर्शन की जरुरत है ताकि इस युवाशक्ति का प्रयोग विश्व धरातल पर भारतवर्ष को महाशक्ति के रूप में उभारने के सुनहरे अवसर को भुनाने का मौका नहीं गंवाना चाहिए|आज का युवा शिक्षित है और समझदार भी है बस जरुरत है उसे सही तरीके से उपयोग करने की|
                                                            धन्यवाद|


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