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जिंदादिल पतंगा



मोहनलाल मध्यमवर्गीय परिवार से था, मध्यमवर्गीय परिवार की दैनिक समस्यायें अक्सर उसके जीवन में भी आती रहती थी, ये छोटी-छोटी समस्यायें उसे परेशान कर देती थी| इसी वजह से वह किसी भी ख़ुशी-पर्व का आनंद नहीं ले पाता था, हर समय अपनी चिंता में डूबा रहता था| उसकी इस उदासीनता की वजह से उसका पूरा परिवार उदासीनता की गहराई में समाता जा रहा था|

बरसात का मौसम था, मोहनलाल शाम के समय अपने घर के आँगन में बैठा हुआ था| तभी उसकी नजर आँगन में जल रही लाइट पर पड़ी, जिसके चारों तरफ बहुत सारे छोटे-छोटे पतंगे फड़फड़ा कर उड़ रहे थे, और कुछ-बहुत जमीन पर मरे पड़े थे|

मोहनलाल ने मन ही मन मजाक बनाते हुये कहा- ये पतंगे भी चंद मिनटों के लिए जीते हैं और उसमे भी लाइट के चारों तरफ चिपकते रहते हैं|

उसी समय एक छोटा सा पतंगा, मोहनलाल के कंधे पर आकर बैठा|

मोहनलाल ने हीन भाव से कहा- जा, तू भी जा और लाइट पर चिपक जा|

पतंगा ने पूछा- तुम इतने परेशान क्यों हो ?

मोहनलाल ने उदासीन भाव से कहा- मेरे जीवन में कई छोटी-छोटी परेशानियाँ हैं, उदास-परेशान ना रहूँ तो क्या करूँ ! तेरा जन्म तो सिर्फ खाने और उड़ने के लिए हुआ है, तुझे क्या पता इंसानी परेशानियों के बारे में |

पतंगा बोला- इंसान की कमी यही है, उसे खुश रहना नहीं आता| तुम्हें पता है, हमारा जीवन कुछ घंटों-मिनटों का होता है; सुबह तक हम सभी मर जायेंगे, यह बात हम सभी जानते हैं, फिर भी हम अपने जीवन को ख़ुशी-ख़ुशी जीते हैं, हर सेकेण्ड को जी-भर के जीते हैं| हम जन्म लेते हैं, फिर अपने परिवार के साथ रोशनी की ख़ोज में पूरे हर्ष-उल्लास के साथ निकल पड़ते हैं, यही हमारा कर्म है, जिसे हम ख़ुशी-ख़ुशी करते हैं| जैसे ही रोशनी मिलती है, हमारे लिए उत्सव शुरू हो जाता है|

मोहनलाल ने उपहास उड़ाया- लोग तुम पर हँसते हैं, तुम्हारा जन्म सिर्फ जलने के लिए हुआ है|

पतंगा बोला- हमें पता है रोशनी की गर्मी हमारे पंख जला देगी, लोग हम पर हँसेंगे, मजाक बनायेंगे, बेवकूफ कहेंगे; पर हम जिंदादिल हैं, हम आज में जीते हैं और यही हमें हौसला देता है| हम हमेशा खुश रहते हैं, चाहे हमारा जीवन चंद सेकेण्ड का ही क्यों ना रह गया हो |

और ऐसा कहकर वह पतंगा लाइट की तरफ उड़ गया |

मोहनलाल को उस दिन अहसास हुआ, वह अपनी छोटी-छोटी चिंता और परेशानियों में इस तरह उलझा हुआ है कि उसकी खुशियाँ कहीं खो गयी हैं |

तब से मोहनलाल हर पल खुश रहने लगा, परेशानियाँ तो उसके जीवन में आगे भी आती रही, पर तब वह परेशानियों के समाधान ख़ुशी-खुशी निकालना सीख गया था |


प्रिय दोस्तों, जीवन में परेशानियाँ आती रहेंगी, पर आज जो वक़्त है यह फिर नहीं आएगा; क्यों ना इस वक़्त को खुश रहके गुजारा जाये, बजाय उदास और दुखी रहके| यकीन मानिये जब आप हमेशा खुश रहोगे, आपको जीवन की हर समस्या का समाधान अपने आप मिलने लगेगा| हर वजह में खुशियाँ ढूँढिये| धन्यवाद|




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