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भिखारी के स्वादिष्ट व्यंजन



दिल्ली के जाने-माने व्यापारी विकास खन्ना से मिलने जर्मनी से माइकल फ्रेंक नामक निवेशक आया, जो विकास खन्ना के व्यापार में निवेश करना चाहता था |

विकास खन्ना ने माइकल से फाइव-स्टार होटल में लंच पर भेंट करी | विकास, माइकल के आवभगत में कोई कमी नहीं रखना चाहते थे, इसलिये तरह-तरह के पकवान मँगवाये गये | ढेर सारे स्वादिष्ट व्यंजन थे और खाने वाले सिर्फ दो, इसी वजह से काफी सारा खाना बच गया |

खाना खाने के बाद जो वेटर आया, माइकल ने उसे साफ़-सुथरा बचा हुआ खाना अच्छे से पैक करने को कहा |

विकास को यह देख बड़ा आश्चर्य हुआ, उसने मन ही मन सोचा- यह मेरे व्यापार में क्या निवेश करेगा, यह तो बचे हुए खाने को भी पैक करवा रहा है | यह मुझे कोई सामान्य निवेशक लग रहा है |

माइकल ने लगभग सभी बचा खाना पैक करवा लिया, फिर वे होटल से निकलकर, विकास के ऑफिस की तरफ चल पड़े |

रास्ते में विकास से जब नहीं रहा गया, तो उसने बातों ही बातों में पूछ लिया- खाना पैक करवाने की क्या जरूरत थी ? आप मेरे मेहमान हो, आपकी खातिरदारी करना मेरा फर्ज है, मैं आपको यह बासी खाना नहीं खाने दूँगा |

माइकल ने मुस्कराकर कहा- मैं बासी खाना नहीं खाऊँगा, और इस खाने को भी बासी नहीं होने दूँगा |

विकास ने चौंककर पूछा- वो कैसे ?

तभी माइकल ने ड्राईवर से कार रोकने को कहा, विकास कौतूहलपूर्ण तरीके से माइकल को देखने लगा |

माइकल कार से उतरे, सड़क किनारे बैठे कुछ भिखारियों को खाना देकर वापस आ गये |

विकास ने उत्साह से कहा- यह आपने बड़ा ही नेक काम किया, पता नहीं मेरी समझ में यह बात आज तक क्यों नहीं आयी |

माइकल ने समझाया- जर्मनी में भी रोज हजारों टन खाना बर्बाद होता था, वहाँ सरकार ने खाना बर्बाद करने पर पाबन्दी लगा दी है, मैं भी जर्मन-सरकार के इस कार्यक्रम का हिस्सा हूँ | अमीर और गरीब लोग हर देश में होते हैं, यह देशवासियों पर निर्भर करता है कि वह अपने देश में कैसे लोगों को देखना चाहते हैं | कोई भूखा ना रहे, इसलिये हम बचा हुआ खाना भूखे लोगों को दे देते हैं | यहाँ आते ही मैंने इस भिखारी और इसके बच्चों को देखा, तो सोचा क्यों ना इनकी मदद कर दी जाये | हमारा फेंकने लायक भोजन, क्या पता किसी के लिए स्वादिष्ट भोजन हो |

विकास को समझ आ गया कि खाना फेंकने से कोई अमीर नहीं बन जाता, बल्कि अपने साथ-साथ दूसरों का पेट भरने वाला ही सच्चे रूप में अमीर है |

प्रिय दोस्तों, हमारा पेट भले ही भरा हो, पर हमारे आस-पास कई ऐसे भूखे लोग हैं जो खाने के लिये तरसते हैं | हम उन सबका पेट नहीं भर सकते, लेकिन जो भोजन बर्बाद हो रहा है उसे फेंकने से अच्छा किसी का पेट भरने के लिये तो दे ही सकते हैं | एक बार करके देखिये, बहुत ख़ुशी मिलेगी | धन्यवाद|



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